Religion & Philosophy

माता करणी: राजस्थान की लोक देवी

माता करणी राजस्थान की प्रमुख लोक देवी हैं, जिनके देशनोक मंदिर में चूहों की पूजा की अनोखी परंपरा प्रचलित है।

Vishvakosh Editorial 21 June 2026 0 views

परिचय

माता करणी को राजस्थान की सबसे प्रमुख लोक देवियों में से एक माना जाता है। उन्हें माता दुर्गा का अवतार माना जाता है और उनकी पूजा विशेष रूप से बीकानेर क्षेत्र में अत्यंत श्रद्धा से की जाती है। उनके मंदिर में चूहों की पूजा एक अद्भुत और अनोखी परंपरा मानी जाती है।

जीवन परिचय

माता करणी का जन्म राजस्थान में एक चारण परिवार में हुआ था। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भक्ति, सेवा और समाज कल्याण के लिए समर्पित किया। उन्हें उनके जीवनकाल में ही चमत्कारी शक्तियों और दिव्यता के लिए जाना जाता था।

पौराणिक कथा

एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, माता करणी के पुत्र की मृत्यु जल में डूबने से हो गई थी। शोकाकुल माता करणी ने यमराज से प्रार्थना की, जिसके पश्चात उनके परिवार के सदस्यों को चूहे के रूप में पुनर्जन्म का वरदान मिला। यही कारण है कि करणी माता मंदिर में हजारों चूहों को पवित्र और पूजनीय माना जाता है।

पूजा और महत्व

देशनोक में स्थित करणी माता मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के कारण विश्वप्रसिद्ध है। यहाँ श्रद्धालु चूहों को प्रसाद खिलाते हैं और इन्हें "काबा" कहकर पूजते हैं। नवरात्रि के अवसर पर यहाँ विशेष मेला और पूजा का आयोजन होता है।

मंत्र

"जय करणी माता" का जयघोष भक्तगण श्रद्धा से करते हैं।

प्रमुख मंदिर

करणी माता मंदिर (देशनोक, बीकानेर, राजस्थान) उनकी भक्ति का सबसे प्रमुख और अनोखा केंद्र है।

निष्कर्ष

माता करणी सेवा, करुणा और लोक आस्था की प्रतीक हैं। उनकी कथा हमें यह सिखाती है कि सच्ची भक्ति और करुणा से असंभव भी संभव हो जाता है।

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