Religion & Philosophy

माता मनसा: सर्पों की देवी

माता मनसा सर्पों की देवी हैं, जिनकी पूजा पूर्वी भारत में विष से रक्षा और परिवार की सुरक्षा हेतु की जाती है।

Vishvakosh Editorial 21 June 2026 0 views

परिचय

माता मनसा को सर्पों की देवी और विष से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। पूर्वी भारत, विशेष रूप से बंगाल, बिहार और असम में उनकी पूजा अत्यंत प्राचीन और व्यापक परंपरा का अंग है। उन्हें ऋषि कश्यप की पुत्री माना जाता है।

स्वरूप

माता मनसा को सर्पों से घिरी हुई, कमल पर विराजमान तथा हाथ में सर्प लिए हुए दर्शाया जाता है। उनका यह स्वरूप सर्प विष पर नियंत्रण और रक्षा की शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

पौराणिक महत्व

बंगाल की लोक परंपरा में "मनसामंगल काव्य" माता मनसा की कथाओं का प्रमुख साहित्यिक स्रोत है। चांद सौदागर और बेहुला की कथा माता मनसा की भक्ति और महिमा से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथाओं में से एक मानी जाती है।

पूजा और महत्व

मनसा पूजा विशेष रूप से वर्षा ऋतु में की जाती है, जब सर्प दंश की घटनाएँ अधिक होती हैं। श्रद्धालु सर्प भय से रक्षा और परिवार की सुरक्षा हेतु उनकी आराधना करते हैं।

मंत्र

"ॐ मनसा देव्यै नमः" मंत्र का जाप भक्तगण सुरक्षा की कामना से करते हैं।

निष्कर्ष

माता मनसा रक्षा, साहस और प्रकृति के साथ संतुलन की प्रतीक हैं। उनकी पूजा परंपरा भारतीय लोक संस्कृति की समृद्धि को दर्शाती है।

#मनसा देवी#बंगाल#लोक देवी#हिंदू देवी#धर्म

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