Religion & Philosophy

माता संतोषी: संतोष और शांति की देवी

माता संतोषी संतोष, सहनशीलता और इच्छापूर्ति की देवी हैं, जिनकी पूजा सोलह शुक्रवार के व्रत के रूप में की जाती है।

Vishvakosh Editorial 21 June 2026 0 views

परिचय

माता संतोषी को संतोष, शांति और इच्छापूर्ति की देवी माना जाता है। उनकी पूजा विशेष रूप से उत्तर भारत में अत्यंत लोकप्रिय है, जहाँ श्रद्धालु शुक्रवार के दिन व्रत रखकर उनकी आराधना करते हैं।

स्वरूप

माता संतोषी को सौम्य मुख, हाथ में त्रिशूल, तलवार, गदा और कलश धारण किए हुए दर्शाया जाता है, जो शक्ति और कल्याण दोनों का प्रतीक है। उनका वाहन सिंह माना जाता है।

पूजा परंपरा

माता संतोषी की पूजा सोलह शुक्रवार के व्रत के रूप में विशेष रूप से प्रचलित है, जिसमें श्रद्धालु खट्टी वस्तुओं का सेवन नहीं करते और संतोषी माता की कथा सुनते हैं। इस व्रत को परिवार में सुख-शांति और इच्छापूर्ति के लिए किया जाता है।

महत्व

माता संतोषी की भक्ति यह सिखाती है कि जीवन में संतोष और संयम से ही सच्ची शांति प्राप्त होती है। उनकी पूजा गृहस्थ जीवन में सामंजस्य और सुख-समृद्धि लाने वाली मानी जाती है।

मंत्र

"ॐ जय संतोषी माता" आरती का गायन भक्तगण शुक्रवार के दिन विशेष श्रद्धा से करते हैं।

निष्कर्ष

माता संतोषी संतोष, सहनशीलता और घरेलू सुख-शांति की प्रतीक हैं। उनकी आराधना भक्तों के जीवन में संतुलन और सकारात्मकता लाने में सहायक मानी जाती है।

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