भेड़िया और बकरी का बच्चा
एक बकरी के बच्चे की कहानी, जो अपनी चतुराई से एक भूखे भेड़िये की चाल को कुछ समय के लिए टाल देता है।
एक बकरी के बच्चे का झुंड से बिछड़ जाने पर वह एक नदी के किनारे पानी पीने रुका। उसी समय वहाँ एक भूखा भेड़िया आ गया, जो बकरी के बच्चे को देखकर बहुत खुश हुआ, क्योंकि वह उसे आसानी से अपना शिकार बना सकता था।
भेड़िये ने सोचा कि बिना किसी बहाने के हमला करना ठीक नहीं लगेगा, इसलिए वह कोई दोष ढूँढने लगा। उसने ऊपर की धारा से पानी पी रहे बकरी के बच्चे से कहा, "तुम मेरे पानी को गंदा कर रहे हो, जो मैं नीचे की धारा से पी रहा हूँ!"
बकरी के बच्चे ने चतुराई से जवाब दिया, "महोदय, यह कैसे संभव है? पानी तो ऊपर से नीचे की ओर बहता है, मैं ऊपर हूँ और आप नीचे हैं। मेरा पानी आपके पानी को गंदा नहीं कर सकता।"
भेड़िया इस जवाब से थोड़ा नाराज़ हुआ, पर उसने एक और बहाना ढूँढा। उसने कहा, "पिछले साल तुमने मेरे बारे में बुरी बातें कही थीं!" बकरी के बच्चे ने हैरानी से कहा, "महोदय, पिछले साल तो मेरा जन्म ही नहीं हुआ था, मैं अभी कुछ ही महीनों का हूँ। मैं आपके बारे में कुछ कैसे कह सकता था?"
भेड़िया हर बार बकरी के बच्चे की समझदारी भरे जवाबों से निरुत्तर हो जाता था, पर उसकी भूख और बुरा इरादा कम नहीं हुआ। आखिरकार उसने गुस्से में कहा, "ठीक है, अगर तुम नहीं था, तो ज़रूर तुम्हारे पिता ने मेरे बारे में बुरा कहा होगा। चाहे जो भी हो, मैं तुम्हें खाने से नहीं रुकने वाला!"
यह कहकर भेड़िये ने बकरी के बच्चे पर झपट्टा मार दिया। बच्चा अपनी पूरी जान लगाकर भागा और भागते-भागते किसी तरह अपने झुंड के पास पहुँच गया, जहाँ बड़ी बकरियों और कुत्तों को देखकर भेड़िया डरकर पीछे हट गया और वहाँ से भाग गया।
शिक्षा: जो लोग पहले से बुरा इरादा रखते हैं, वे किसी न किसी बहाने से अपना मतलब निकालने की कोशिश करते रहते हैं। ऐसे में चतुराई से समय निकालना और सुरक्षित स्थान की ओर भागना ही सबसे बेहतर उपाय है।