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चार मित्रों की कहानी

चूहा, कौआ, कछुआ और हिरण की सच्ची दोस्ती की कहानी, जो एकता की शक्ति को दर्शाती है।

Vishvakosh Editorial 21 June 2026 0 views

एक जंगल में लघुपतनक नाम का एक कौआ रहता था। एक दिन उसने देखा कि एक शिकारी जाल बिछाकर चला गया है, और उस जाल में हिरण्यक नाम का एक चूहा फँस गया था। कौआ उसकी मदद के लिए नीचे उतरा।

तभी वहाँ एक कछुआ, जिसका नाम मंथरक था, भी आ गया, और एक हिरण, जिसका नाम चित्रांग था, भी वहाँ पहुँच गया। समय के साथ ये चारों - कौआ, चूहा, कछुआ और हिरण - बहुत अच्छे मित्र बन गए। वे रोज़ साथ मिलकर बातें करते और एक-दूसरे की मदद करते।

एक दिन हिरण समय पर उनकी मुलाकात की जगह नहीं पहुँचा। बाकी तीन मित्र चिंतित हो गए। कौआ उड़कर हिरण को खोजने निकला, तो उसने देखा कि हिरण एक शिकारी के जाल में फँसा हुआ है और तड़प रहा है।

कौआ तुरंत वापस आया और चूहे और कछुए को यह बात बताई। चूहा फुर्ती से जाल के पास पहुँचा और अपने तेज़ दाँतों से जाल की रस्सियों को काटने लगा। कुछ ही समय में उसने हिरण को जाल से मुक्त कर दिया।

पर इतनी देर में शिकारी वापस आ गया। हिरण और कौआ तो तुरंत भाग गए, और चूहा भी एक बिल में घुस गया, पर धीमी गति से चलने वाला कछुआ पीछे रह गया और शिकारी ने उसे पकड़ लिया और अपने थैले में डाल लिया।

हिरण ने तुरंत एक योजना बनाई। उसने शिकारी के सामने जाकर खुद को घायल और लाचार दिखाया, जैसे वह आसानी से पकड़ में आ जाएगा। शिकारी लालच में आकर हिरण का पीछा करने लगा। इस दौरान चूहे ने थैले में बंद कछुए को बाहर निकालने के लिए जल्दी से रस्सी काट दी और कछुआ बाहर निकल आया।

जब शिकारी हिरण का पीछा करते-करते थक गया और वापस आया, तो उसने देखा कि उसका थैला खाली है और कछुआ जा चुका है। निराश होकर वह खाली हाथ अपने घर लौट गया।

चारों मित्र फिर से सुरक्षित होकर एक साथ इकट्ठे हुए और बहुत खुश हुए कि उनकी एकता और सूझबूझ से सभी की जान बच गई।

शिक्षा: सच्चे मित्र मुसीबत के समय एक-दूसरे का साथ देते हैं, और एकता में बहुत बड़ी शक्ति होती है।

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