सोने का अंडा देने वाली मुर्गी
लालच में पड़कर अपनी ही संपत्ति को नष्ट कर देने वाले एक किसान की प्रसिद्ध कहानी।
एक गाँव में एक गरीब किसान रहता था। वह बहुत मुश्किल से अपना और अपने परिवार का पेट भरता था। एक दिन उसकी मुर्गी ने एक अंडा दिया, जो देखकर वह चौंक गया - वह अंडा सोने का था!
किसान बहुत खुश हुआ। उसने वह सोने का अंडा बाज़ार में बेचा और बहुत सारा पैसा कमाया। इससे उसके घर की आर्थिक स्थिति में सुधार आने लगा। अगले दिन फिर मुर्गी ने एक और सोने का अंडा दिया।
यह हर दिन होने लगा। मुर्गी रोज़ एक सोने का अंडा देती, और किसान उसे बेचकर पैसे कमाता। धीरे-धीरे किसान धनवान बनने लगा और उसका जीवन बहुत सुखी होने लगा।
पर जैसे-जैसे पैसे बढ़ते गए, किसान का लालच भी बढ़ता गया। उसने सोचा, "अगर यह मुर्गी रोज़ एक सोने का अंडा दे सकती है, तो ज़रूर इसके पेट में सोने का बहुत बड़ा भंडार होगा। अगर मैं इसका पेट काट दूँ, तो मुझे एक साथ सारा सोना मिल जाएगा, और मैं रोज़ इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।"
इस लालच में किसान ने मुर्गी को पकड़ लिया और बिना सोचे-समझे उसका पेट काट दिया। पर जब उसने मुर्गी का पेट खोलकर देखा, तो उसके भीतर सोना तो था ही नहीं - वह एक सामान्य मुर्गी की तरह ही थी।
किसान को अपनी मूर्खता का एहसास हुआ, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसकी मुर्गी मर चुकी थी, और अब उसे कभी सोने का अंडा नहीं मिलेगा। अपने ही लालच में उसने अपनी सबसे बड़ी संपत्ति खुद नष्ट कर दी थी।
शिक्षा: अत्यधिक लालच में पड़कर जल्दबाज़ी में लिए गए फैसले अक्सर बहुत बड़ा नुकसान करते हैं। जो हमारे पास है, उसकी कद्र करनी चाहिए और संतोष रखना चाहिए।